Friday, May 27, 2011

गुरुमूर्ति जी का दिल्ली में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यक्रम


प्रेस विज्ञप्ति
भ्रष्टाचार एवं उच्चस्थ लोगों द्वारा विदेशों में जमा काला धन
स्वदेशी जागरण मंच के सहसंयोजक श्री एस. गुरूमूर्ति ने यह आरोप लगाया कि श्रीमति सोनिया गान्धी और यूपीए सरकार का भ्रष्टाचार को जारी रखने में निहित स्वार्थ है और इसलिए वे भ्रष्टाचारियों और देश के धन को विदेशों में जमा रखने वालों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं करेंगे।
दिल्ली के कांस्टीटयूशन क्लब के खचाखच भरे स्पीकर हॉल में श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए यह प्रश्न किया जब सत्ता में बैठे लोगों के अपने खाते टैक्स हैवन देशों में हैं तो वो उन लोगों के नाम कैसे उजागर कर सकते है, जिन्होंने देश का धन गैर कानूनी रूप से विदेशों में जमा कर रखा है। हसल अली मामले का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि आज हर कोई जानता है कि हसन अली के पास किन का पैसा था। जब उसका नाम सोनिया गान्धी के खास सहयोगी अहमद पटेल सहित कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ जुड़ा है तो इस मामले में सरकार की ओर से कोई कारवाई की अपेक्षा नहीं की जा सकती। यह तो 2011 में न्यायालय की देखरेख में सरकारी एजेंसियों को जब काम करने के लिए बाध्य किया गया तो इस मामले में हलचल शुरू हुई। लेकिन 2007 से 2011 के बीच हसन अली और उसके आकाओं को पैसा छिपाने के लिए पूरे 4 वर्ष दे दिए गए। गुरूमूर्ति की यह टिप्पणी केन्द्रीय वित्तीय मन्त्री प्रणव मुखर्जी के बयान पर थी जिसमें उन्होंने कहा था कि हसल अली के खातों में कोई पैसा नहीं था। उन्होंने पूछा ऐसा कैसे हो सकता हैर्षोर्षो
श्री गुरूमर्ति ने इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई राजनैतिक स्तर पर ही हो सकती है। उन्होंने विपक्षी राजनैतिक पार्टियों को भी इस बात के लिए लताड़ा कि वे भी इस लड़ाई को ठीक प्रकार से नहीं लड़ रहें। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई विचारधारा एवं अच्छाई व बुराई के बीच लड़ाई है और यह जरूरी नहीं यह अच्छे लोगों और बुरे लोगों के बीच की लड़ाई नहीं है।
आज भ्रष्टाचार का यह दानव अन्तराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के लिए धन जुटा रहा है। गरीब लोगों का पैसा अमीरों की जेब में पहुंच रहा है। उन्होंने यह कहा कि पिछले 20 वषो± में वैिश्वक जी.डी.पी. 80 प्रतिशत बढ़ी, जबकि अमीरजादों की व्यक्तिगत सम्पत्ति 475 प्रतिशत बढ़ गई है।
श्री गुरूमूर्ति स्वदेशी जागरण मंच द्वारा भ्रष्टाचार एवं उच्चस्थ लोगों द्वारा विदेशों में जमा काले धन के मुद्दे पर आयोजित गोष्ठी में बोल रहे थे। इस प्रकार काले धन को विदेशों में रखने वालों को बचाने के लिए सरकारें प्रयास करती है, इस विषय में रहस्योउदघाटन करते हुए उन्होंने उच्चतम न्यायालय में महाराष्ट्र सरकार पुलिस अधिकारी श्री अशोक देश बरतर के शपथ पत्र को पढ़कर सुनाया। इस शपथ पत्र में महाराष्ट्र के तीन मुख्यमन्त्रिओं और प्रधानमन्त्री कार्यालय के लोगों के नाम दर्ज है, जो हसन अली के साथ मिलकर काम करते थे।
दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल श्री विजय कपूर ने अपने अध्याक्षीय उद्बोधन में कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे को टाल नहीं रही बल्कि विभिन्न प्रकार से भरमाने का प्रयास भी कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कानून भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए पर्याप्त है लेकिन लोकपाल बिल के नाम पर वर्तमान सरकार लोगों को भरमाने का काम कर रही है। वर्तमान सरकार की भ्रष्ट लोगों को सजा देने की कोई नीयत नहीं है। जबकि उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद है।
स्वदेशी जागरण मंच के पूर्व संयोजक श्री मुरलीधर राव ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार द्वारा स्पष्ट नीति अपनाने और वर्तमान आरोपों के सन्दर्भ में कारवाई करने का आहवान किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इसके लिए प्रभावी कार्य योजना की आवश्यकता है।
भारतीय मजूदर संघ के महामन्त्री श्री बैजनाथ राय ने इस अवसर पर कहा कि अच्छाई घर से प्रारम्भ होती है और आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने राष्ट्रीय चरित्र का हृास किया है।

No comments:

Post a Comment