Wednesday, May 8, 2013

Declaration of FDI Virodhi Jutaan (7 May 2013)खुदरा FDI विरोधी जुटान

Declaration of FDI Virodhi Jutaan (7 May 2013)
खुदरा FDI विरोधी जुटान
कांस्टीटयूशन क्लब, नई दिल्ली
7 मई 2013

घोषणा पत्र

स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में व्यापारी, लघु और कुटीर उद्योग, कारीगर, ट्रांसपोर्टर, किसान, हाॅकर, मजदूर, छात्र एवं विभिन्न वर्गों के 150 से अधिक संगठन और 1000 से अधिक प्रतिनिधि दिल्ली के कांस्टीटयूशन क्लब में आयोजित इस जुटान में शामिल हुए। देश भर से आए हुए प्रतिनिधियों का यह जुटान यूपीए सरकार द्वारा खुदरा में एफ.डी.आई. की नीति के खिलाफ देश भर में आंदोलन की घोषणा करता है। इस जुटान का यह स्पष्ट मानना है कि इस यूपीए सरकार द्वारा खुदरा क्षेत्र को विदेशी कंपनियों के लिए खोलकर भारत के एक वृह्त खुदरा बाजार को विदेशी कंपनियों को सौपने का काम किया है। खुदरा में एफ.डी.आई. 1 करोड़ 20 लाख छोटी-बड़ी दुकानों में लगे 4 करोड़ लोगों के लिए ही घातक नहीं है बल्कि इस देश के करोड़ों मजदूरों, किसानों, ट्रांसपोर्टरों, लघु उद्यमियों और हाॅकरों के लिए भी मौत का पैगाम है।

इस जुटान का स्पष्ट मानना है कि खुदरा क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कंपनियां आने के बाद हिंसक कीमत नीति के माध्यम से छोटे व्यापारियों और हाॅकरों को प्रतिस्पद्र्धा से बाहर कर देगी। सारा सामान चीन और अन्य देशों से आयातित होगा और इस प्रकार करोड़ों मजदूरों और लघु उद्यमियों की रोजी-रोटी समाप्त हो जायेगी। किसानों का भी विविध प्रकार से शोषण होगा तथा नए रोजगार के अवसर समाप्त होने से देश का युवा वर्ग हताशा की ओर बढ़ेगा। देश का ट्रांसपोर्ट क्षेत्र भी बर्बाद हो जायेगा।

किसानों, मजदूरों, हाॅकरों, छोटे और थोक व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों का यह जुटान घोषणा करता है कि इस लड़ाई को राज्य और जिलास्तर पर जाकर लड़ा जायेगा। देश भर में राज्य और जिलास्तर पर इस प्रकार के जुटान आयोजित होंगे। खुदरा में एफ.डी.आई. के खिलाफ देश भर में रैलियां, पद-यात्राएं, धरने-प्रदर्शन, नुकड़ सभाएं आयोजित होंगे। हर गांव से, हर जिला से किसानों, मजदूरों, हाॅकरों, ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों, विद्यार्थियों के संगठनों के साथ मिलकर आगामी लोक सभा चुनावों में उन दलों को परास्त करने की रणनीति बनाई जायेगी जिन्होंने खुदरा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को संसद के अंदर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भारत में घुसने का रास्ता दिया।

यह जुटान संकल्प लेता है कि अगली लोकसभा के गठन के बाद, कानून बदलकर खुदरा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को भारत भूमि से भगाने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

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